Verses a verse, kept
loss

तुम तस्वीर भेज दिया करो।

बेशक ना मिलने आया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। मिलने की हर बार ज़रूरत ही कहाँ, यादों को बस सहलाया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। जब भी तन्हाई शोर मचाने लगे, एक चेहरा मुस्कुराया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। फ़ासले जिस्मों तक ही रहने दो, रूह से रूह मिलाया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। लफ़्ज़ अगर साथ न दे पाएँ कभी, आँखों से सब समझाया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। हमने माँगा भी है आख़िर क्या, बस अपना एहसास दिलाया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो। 'अनुज' की बस इतनी-सी ख़्वाहिश है, बेशक ना मिलने आया करो, तुम तस्वीर भेज दिया करो।
— Anuj Singh
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