Verses a verse, kept

तुम्हे याद हैं ना?

वो पहली मुलाकात का गुलाब, तुम्हें याद हैं ना वो मेरे साथ बिताई हर रात, तुम्हे याद हैं ना आज रुखसत हो चली रकीब के साथ,तुम तो कहती थी अगर तेरे घर ना जाऊ तो मर जाऊ, तुम्हे याद हैं ना।
— Anuj Singh
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