क्या किया हैं आपने?
तेरे लिए मंदिर में नारियल चढ़ाया,
मज्ज्जिद तक में नमाज़ अदा की उस बाप ने,
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने ?
कम पड़े कुछ पैसे तेरी पैदाइश के वक्त ,
तो पगड़ी तक रख दी जमीदार के पाओ में उस बाप ने,
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने ?
पीड़ा सहकर ९ माह रखा गर्भ में मां ने,
और ज़हन में रखा तुझे उस बाप ने,
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने ?
हर जन्मदिवस ला कर दिया नया कुर्ता तुझे,
और चंद लिवाजो में जिंदगी गुजारी उस बाप ने,
तू पूछ रहा उनसे क्या किया हैं आपने ?
पैसे बचाने के लिए पैदल तय किया सफ़र मिलो का,
तेरे पाव नंगे ना पड़ने दिए ज़मीन पर उस बाप ने,
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने ?
धूप सही, सर्दी सही, खड़ा रहा ढाल बन कर
तेरी खातिर तूफानों तक का रुख मोड़ दिया उस बाप ने
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने?
तेरी बीमारी में जब दवा काम नहीं कर रही थी
तो मंदिर, मज्जिद, गिरजा, गुरूद्वारे में भेट चढाई उस बाप ने
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने?
तुझे पढाने लिखाने के खातिर,
रातों रात मेहनत मजदूरी की उस बाप ने
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने?
तेरे शौक़ पूरे करते करते,
अपने सारे शौक़ मार दिए उस बाप ने
तू पूछ रहा हैं उनसे क्या किया हैं आपने?
सब्र रख तू भी एक दिन किसी का बाप होगा तब
अहसास होगा की क्या क्या किया हैं उस बाप ने
जब तेरी औलाद तुझसे पूछेगी क्या किया हैं आपने?