मां
घर पहुंचते ही जो सीने से लगाती हैं
मेरा पेट भर जाने के बाद जो खाती हैं
मुझे सोता देखकर ही जो सो पाती हैं
हालांकि हैं तो वो मेरी दुनिया फिर भी वो
मुझको अपनी दुनियां बताती हैं
इतना सब कुछ करने के बाबजूद भी ना कभी हक़ जताती हैं
वही तो मां कहलाती हैं
वही तो मां कहलाती हैं!!