जीवन कितना सरल हो
यदि
यशोदा जैसी मईया हो,
भरत जैसा भैया हो,
कर्ण जैसा मित्र हो,
प्रभु श्री राम का हृदय में चित्र हो,
श्रीकृष्ण जैसा साथी हो,
मां पार्वती जैसी जीवनसाथी हो,
स्वामी विवेकानंद जैसे विचार हो,
कौटल्य जैसे आचार्य हो,
जटायु जैसी दृष्टि हो,
तभी तो बेमिसाल ये श्रृष्टि हो,
मीलों दूर तक फैला अपना साम्राज्य हो,
जिसमे केवल रामराज्य हो,
मन में ना किसी के प्रति छल हो,
हनुमान जी जैसा बल हो,
माँ सरस्वती का कंठ पर बास हो,
भारतीय फौजी जैसा साहस हो,
दूसरो के दुःख दर्द का भी अहसास हो,
रावण जैसा ज्ञान हो,
खुदका पुष्पक विमान हो,
फिर भी ना किसी बात का अभिमान हो,
तो जीवन कितना आसान हो!!